शनिवार, 19 दिसंबर 2020

क्यो बेटियो को देवी का दर्जा दे रखा है

 क्यो बेटियो को देवी का दर्जा दे रखा है 

क्यो बेटियो की शान मै समाज कसीद पङता है 




मेरा धिक्कार है ऐसे समाज परइन समाज 

कर्ताओ पर जो आज भी दहेज जैसे कुरीति

की समाप्त करने का साहस नहीं कर पा रहें है 



अगर कोई बङा देश छोटे देश को दबाता है

 अगर कोई बङा देश छोटे देश को दबाता है तो मै छोटे देश के साथ खङा रहुँगा

अगर उस छोटे देश का बहुसंख्यक धर्म वहाँ के अल्पसंख्यक धर्म को दबाता है

तो मै अल्पसंख्यक धर्म के साथ खङा होना पसंद करूँगा

अगर उस अल्पसंख्यक धर्म जातियाँ किसी जाति को दबाती है तो मै उस जाति के साथ खङा रहुँगा 



            



      

अगर उस जाति मै कोई मालिक अपने कामगार का उत्पीङन करता है तो मै उस कामगार के साथ खङा रहुँगा 

अगर वो कामगार घर जाकर अपनी पत्नी को पीटता है तो मै उस औरत के साथ खङा रहुँगा 

मेरे मुख्य दुश्मन उत्पीङन और अत्याचार है

हम हार क्यों गए

 हम हार क्यों गए स्पार्टाकस

 पुछा था बुढिया ने 

मरते हुए स्पार्टाकस से             


हम तो लङे थे 

कमजोरो के लिए 

आजादी और जाने कितने 

अब बेमानी उसूलों के लिए 

फिर हार क्यों गए स्पार्टाकस

स्पार्टाकस की खून की बूंदे

गिर गीला कर रहीं थी बुढिया के सफेद बाल

उसने सूखे गले से बोलना चाहा

पर कह न सका कि सच जीतेगा इसलिए उसकी तरफ 

नही खङे रहते 

बहुत बार हारता है सत्य

जब भी वो रखता है कदम किताबो के बाहर 

तुम्हारी हीरो वाली गाथाओ के 

बाहर बहुत बार मार भी दिया जाता है सच

सोमवार, 14 दिसंबर 2020

इंसान

देश चलता नहीं मचलता है

 मुधा हल नहीं होता उछलता है

जंग मेदाँ मै नहीं 


सोशल मीडिया पर जारी है 

आज मेरी तो कल तेरी बारी है





(किसान) दिया गया बाजारो

 दिया गया बाजारो का तनाव मार डालेगा

किसानों को ये कर्ज का घाव मार डालेगा 

बेरूखे मोसम से फसले बच गयी तो देखना 

मंडीयों मै उपज का कम भाव मार डालेगा 

अठाने मै अभी बिकेगा गोदामों मै जाते जाते 

फिर बच्चो को अन्न का अभाव मार डालेगा 

खुदखुशी किये उस बाप को अब क्या खवर






सीमा पे उसके बेटे को चुनाव मार डालेगा

मुर्दा की तरह जाना तुम दफ्तरो मै अन्नदाता

जिदा दिखे तो बाबूओ का बर्ताव मार डालेगा 

चुप रहना गुनाह है इस गपवाजी के दौर मै

खामोशी को गुनाह का दबाब मार डालेगा

रविवार, 13 दिसंबर 2020

उन्होने कहा था कि

 उन्होने कहा था कि पिस्तोल और बम इंकलाव नहीं लाते



क्या हम तैयार है उनके इस विचार को स्वीकार करने के

लिये नहीं तो चमक दमक की राजनीति आपका 

इंतजार कर रही है 



गरीब किसान

 किसानों की फसल के दाम व्यापारी मंडी 

समर्थन मूल से भी कम लगाते है इस पर सभी 

किसानों को आंदोलन करना चाहिए मंडी मै 

समर्थन मूल्य से कम मै फसल नहीं बिकनी चाहिए


गुरुवार, 10 दिसंबर 2020

कान मै एक दिन मेरे ऊँचाईया कहने लगी

 कान मै एक दिन मेरे ऊँचाईया कहने लगी

 कद बढा किरदार का अच्छाईया कहने लगी


कोशिशे हो लाख लेकिन सच हमेशा सच रहा

हार मत हिम्मत कभी सच्चाई कहने लगी 


मुश्किलों मै साथ कोई कब रहा है आजतक

चल अकेला रात भर परछाईया कहने लगी

 

से रहा था जब पिता पगङी जमीं को सौपकर


 सुर सम्भालूं किस तरह शहनाईया कहने लगी 



दासता तुमने मिटा दी उन शहीदो की मगर 

नौजवानों जुबां कुरबानियाँ कहने लगी

मंगलवार, 8 दिसंबर 2020

गरीबो की आहे ये बच्चों की चीखे

 गरीबो की आहे ये बच्चों की चीखे 

रूलाये नहीं तो वो इंसान कैसा 


रहे चुप हमेशा जो अन्याय पर भी 

कहाँ वो हुकूमत ये भगवान कैसा 


हमारे घरो का सिसकता हैं बचपन 

सुनो हस्पतालों ये इंतजाम कैसा उगाकर खिलाये बनाकर खिलाये 




निकाला हैं किसने ये फरमान कैसा 

गिरा दो ये नफरत की दीवार जल्दी 


थको ना रूको ना ये आराम कैसा


,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,मनीष श्रीवास्तव ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,