कहानियां और कविता
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सोमवार, 15 मार्च 2021
शनिवार, 9 जनवरी 2021
चीजे याद पुरानी मत कर
चीजे याद पुरानी मत कर
घर बाहर नादानी मत कर
बाबा को हो जाती है चिंता
बिटिया बात सयानी मत कर
बच्चे के सामने एक पिता को
सेठ तू इतना पानी मत कर
डूब चुकी है कर्ज में गर्दन
लगता यार किसानी मत कर
जो कहना है कह भी दे यार
पर ऐसे खत्म कहानी मत कर
शनिवार, 19 दिसंबर 2020
क्यो बेटियो को देवी का दर्जा दे रखा है
क्यो बेटियो को देवी का दर्जा दे रखा है
क्यो बेटियो की शान मै समाज कसीद पङता है
मेरा धिक्कार है ऐसे समाज परइन समाज
कर्ताओ पर जो आज भी दहेज जैसे कुरीति
की समाप्त करने का साहस नहीं कर पा रहें है
अगर कोई बङा देश छोटे देश को दबाता है
अगर कोई बङा देश छोटे देश को दबाता है तो मै छोटे देश के साथ खङा रहुँगा
अगर उस छोटे देश का बहुसंख्यक धर्म वहाँ के अल्पसंख्यक धर्म को दबाता है
तो मै अल्पसंख्यक धर्म के साथ खङा होना पसंद करूँगा
अगर उस अल्पसंख्यक धर्म जातियाँ किसी जाति को दबाती है तो मै उस जाति के साथ खङा रहुँगा
अगर उस जाति मै कोई मालिक अपने कामगार का उत्पीङन करता है तो मै उस कामगार के साथ खङा रहुँगा
अगर वो कामगार घर जाकर अपनी पत्नी को पीटता है तो मै उस औरत के साथ खङा रहुँगा
मेरे मुख्य दुश्मन उत्पीङन और अत्याचार है
हम हार क्यों गए
हम हार क्यों गए स्पार्टाकस
पुछा था बुढिया ने
मरते हुए स्पार्टाकस से
हम तो लङे थे
कमजोरो के लिए
आजादी और जाने कितने
अब बेमानी उसूलों के लिए
फिर हार क्यों गए स्पार्टाकस
स्पार्टाकस की खून की बूंदे
गिर गीला कर रहीं थी बुढिया के सफेद बाल
उसने सूखे गले से बोलना चाहा
पर कह न सका कि सच जीतेगा इसलिए उसकी तरफ
नही खङे रहते
बहुत बार हारता है सत्य
जब भी वो रखता है कदम किताबो के बाहर
तुम्हारी हीरो वाली गाथाओ के
बाहर बहुत बार मार भी दिया जाता है सच
सोमवार, 14 दिसंबर 2020
इंसान
देश चलता नहीं मचलता है
मुधा हल नहीं होता उछलता है
जंग मेदाँ मै नहीं
सोशल मीडिया पर जारी है
आज मेरी तो कल तेरी बारी है
(किसान) दिया गया बाजारो
दिया गया बाजारो का तनाव मार डालेगा
किसानों को ये कर्ज का घाव मार डालेगा
बेरूखे मोसम से फसले बच गयी तो देखना
मंडीयों मै उपज का कम भाव मार डालेगा
अठाने मै अभी बिकेगा गोदामों मै जाते जाते
फिर बच्चो को अन्न का अभाव मार डालेगा
खुदखुशी किये उस बाप को अब क्या खवर
सीमा पे उसके बेटे को चुनाव मार डालेगा
मुर्दा की तरह जाना तुम दफ्तरो मै अन्नदाता
जिदा दिखे तो बाबूओ का बर्ताव मार डालेगा
चुप रहना गुनाह है इस गपवाजी के दौर मै
खामोशी को गुनाह का दबाब मार डालेगा






