शनिवार, 9 जनवरी 2021

चीजे याद पुरानी मत कर

 चीजे याद पुरानी मत कर

घर बाहर नादानी मत कर

बाबा को हो जाती है चिंता

बिटिया बात सयानी मत कर




बच्चे के सामने एक पिता को

सेठ तू इतना पानी मत कर

डूब चुकी है कर्ज में गर्दन

लगता यार किसानी मत कर


जो कहना है कह भी दे यार

पर ऐसे खत्म कहानी मत कर